हाँ, बिल्कुल। सऊदी अरब का साइबर अपराध निरोधक कानून (Anti-Cyber Crime Law) राज्य में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति पर लागू होता है, जिसमें प्रवासी (expats) भी शामिल हैं, और सोशल मीडिया पोस्ट इसके दायरे में पूरी तरह आती हैं। अनुच्छेद 6 के अंतर्गत, ऑनलाइन ऐसी सामग्री प्रकाशित करना जो सार्वजनिक व्यवस्था, धार्मिक मूल्यों, सार्वजनिक नैतिकता या व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन करती हो, पाँच वर्ष तक के कारावास और तीन मिलियन रियाल तक के जुर्माने की सजा का कारण बन सकती है।
इसका अर्थ यह है कि धर्म का उपहास करने वाली, अश्लील सामग्री साझा करने वाली, किसी व्यक्ति को बदनाम करने वाली या राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जाने वाली पोस्ट आपराधिक दायित्व उत्पन्न कर सकती हैं। यह कानून सऊदी नागरिक और विदेशी निवासी के बीच कोई भेद नहीं करता — यदि आप राज्य में भौतिक रूप से उपस्थित हैं और ऑनलाइन पोस्ट कर रहे हैं, तो आप इन नियमों के अधीन हैं।
प्रवासियों के लिए व्यावहारिक सलाह: ऐसी सामग्री साझा करने से बचें जो इस्लाम या सऊदी संस्कृति के प्रति आपत्तिजनक मानी जा सकती हो। दूसरों द्वारा बनाई गई ऐसी सामग्री को रीपोस्ट या शेयर न करें जो इन श्रेणियों में आती हो (क्योंकि अनुच्छेद 9 साइबर अपराध में सहायता या सहयोग करने वालों को भी दंडित करता है), और निजी मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग में भी विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि वे भी इस कानून के अंतर्गत आते हैं। संदेह की स्थिति में, पोस्ट न करें।
यह सामान्य कानूनी जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए सलाह पाने के लिए, सऊदी अरब में लाइसेंस प्राप्त वकील से सलाह लें।